
दिल को , दस्तक देता रहता ,
धुन्दला ,धुन्दला एक फ़साना !
ख्वावों में है , एक ही मंज़र ,
उसका आना , उसका जाना !
हंसता गुल ,समझाए सबको ,
सच है , कल मेरा मुरझाना !
राह बदल लेता है , अक्सर ,
सीधा चला , कब ये ज़माना !
फूल खिला तो , लाश मिली ,
मुबारक , भंवरे का मर जाना !
कैसे रुके दिल, जब रोना चाहे,
यादें तो हैं, बस फ़कत बहाना !
"कुरालीया " दिल दरिया जैसा ,
धुन्दला ,धुन्दला एक फ़साना !
ख्वावों में है , एक ही मंज़र ,
उसका आना , उसका जाना !
हंसता गुल ,समझाए सबको ,
सच है , कल मेरा मुरझाना !
राह बदल लेता है , अक्सर ,
सीधा चला , कब ये ज़माना !
फूल खिला तो , लाश मिली ,
मुबारक , भंवरे का मर जाना !
कैसे रुके दिल, जब रोना चाहे,
यादें तो हैं, बस फ़कत बहाना !
"कुरालीया " दिल दरिया जैसा ,
डूबना लाजिम , सबने माना !



